औद्योगिक दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन सख्त

औद्योगिक दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन सख्त…सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर मेसर्स सिंघल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड सहित रायगढ़ के 5 कारखानों पर कार्रवाई, श्रम न्यायालय ने लगाया अर्थदण्ड…5 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदण्ड, उद्योगों को श्रमिक सुरक्षा नियमों के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश

रायगढ़, 2 जून 2026/ औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता करने वाले कारखानों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। रायगढ़ जिले में विभिन्न कारखानों में हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं की जांच के दौरान सुरक्षा मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर पांच आपराधिक प्रकरणों में श्रम न्यायालय रायगढ़ ने संबंधित अधिभोगियों एवं कारखाना प्रबंधकों को अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ द्वारा दुर्घटनाओं के बाद किए गए निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों में श्रमिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की अनदेखी सामने आई थी। इसके आधार पर कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 के तहत न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे। माह मई 2026 में इन मामलों का निराकरण करते हुए न्यायालय ने दोषी पाए गए प्रतिष्ठानों पर दण्डात्मक कार्रवाई की। मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, नटवरपुर के अधिभोगी श्री हर्षवर्धन गर्ग तथा मेसर्स गुरूश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, देलारी के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री मुकेश बंसल को सुरक्षा प्रावधानों के उल्लंघन के लिए एक-एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इसी प्रकार मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, सराईपाली के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री प्रकाश बेहरा पर 25 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। वहीं मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, तराईमाल के अधिभोगी श्री विनय कुमार शर्मा एवं कारखाना प्रबंधक श्री जी.के. मिश्रा को अलग-अलग एक-एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। मेसर्स सावित्री राइस मिल, सहदेवपाली के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री सूर्यकांत अग्रवाल पर भी सुरक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण एक लाख रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक श्री राहुल पटेल ने बताया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। दुर्घटनाओं के बाद की गई जांच में जहां कहीं भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई। श्रम न्यायालय के इन निर्णयों में कुल 5 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। विभाग ने जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को श्रमिक सुरक्षा संबंधी प्रावधानों, कार्यस्थल सुरक्षा मानकों तथा वैधानिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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