जिला स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

जिला स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा: कलेक्टर ने गुणवत्ता, समयबद्धता और मॉनिटरिंग पर दिया जोर…पूर्ण टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा…निर्माण कार्यों में तेजी, गुणवत्ता बनाए रखने और लक्ष्य समय पर हासिल करने के निर्देश

रायगढ़, 21 अप्रैल 2026। जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आमजन तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए, साथ ही सेवाओं की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए।
समीक्षा बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों पर विशेष फोकस रहा। मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव सेवाएं तथा शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत पूर्ण टीकाकरण की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के सभी पात्र बच्चों का निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छूटे हुए हितग्राहियों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), चिरायु योजना और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंच सके।
इसके अलावा क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन, मलेरिया नियंत्रण, सिकल सेल नियंत्रण, अंधत्व निवारण, एनसीडी कार्यक्रम, टेली कंसल्टेशन सेवाएं, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम तथा आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में उपलब्धि सुनिश्चित की जाए और जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन हो।
स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन हो और कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए गति बढ़ाई जाए।
कलेक्टर ने अंत में कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे तौर पर आमजन के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सतत प्रयास करें।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा सहित जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।

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