आय जाति निवास प्रमाण पत्र बनाने टॉप पर रायगढ़ तहसील

आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र बनाने में प्रदेश में सबसे आगे निकला रायगढ़ तहसील…शीर्ष निराकरणकर्ता की सूची में रायगढ़ तहसीलदार  शिव कुमार डनसेना प्रथम स्थान पर…अप्रैल से जून माह के बीच जारी किए गए 1946 प्रमाण पत्र

रायगढ़, 18 जुलाई 2025/ प्रदेश में तहसील कार्यालयों द्वारा आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों के निर्माण की मॉनिटरिंग ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। लोक सेवा केंद्रों से प्राप्त होने वाले आवेदन दस्तावेजी परीक्षण के बाद तहसीलदार तक ऑनलाइन पहुंचते हैं। जिसे वे अनुमोदित कर प्रमाण पत्र जारी करते हैं। यह एक समयबद्ध प्रक्रिया है। हाल ही में ई-डिस्ट्रिक्ट के पोर्टल में श्रेष्ठ अनुमोदनकर्ता का नवाचार प्रारंभ किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे अधिक निराकरण करने वाले 5 तहसीलों के तहसीलदारों का चयन किया गया है। छत्तीसगढ़ में अप्रैल से जून माह के बीच सर्वाधिक 1946 आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर तहसीलदार रायगढ़ श्री शिव कुमार डनसेना ने शीर्ष अनुमोदनकर्ता के रूप में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त है।
आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों को जारी किये जाने हेतु लोक सेवा गारण्टी अधिनियम 2011 के अन्तर्गत समयावधि निर्धारित है। रायगढ़ तहसील कार्यालय द्वारा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में अप्रैल 2025 से जून 2025 तक आय प्रमाण-पत्र के कुल 2454 आवेदन पत्र एवं निवास प्रमाण-पत्र 1708 आवेदन पत्र, जाति प्रमाण-पत्र का 875 आवेदन प्राप्त हुये थे जिन्हें समयावधि में निराकृत किया गया है।

ऐसे जारी होते हैं प्रमाण पत्र
तहसील अंतर्गत लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति हेतु जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाणपत्र के लिये आवेदकों के द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जाता है। लोक सेवा केन्द्र के द्वारा उन प्रमाणपत्रों के निर्धारित हेड में उन आवेदनों को प्रेषित किया जाता है। न्यायालय तहसीलदार के रीडर द्वारा अपने आई.डी. में उन आवेदन पत्रों का निरीक्षण कर पर्याप्त दस्तावेज होने पर तहसीलदार आई.डी. में अग्रेषित किया जाता है एवं जिन आवेदन पत्रों पर दस्तावेजों की कमी होती है उसका उल्लेख करते हुये लोक सेवा केन्द्र का वापस किया जाता है। जिसे लोक सेवा केन्द्र के द्वारा पुन: समुचित दस्तावेजों के साथ प्रेषित करते हैं। तत्पश्चात तहसीलदार आई.डी.से आवेदन पत्र विधिनुकुल पाये जाने पर प्रमाणपत्र अनुमोदित करते हुए निराकृत कर दिया जाता है।

काम में कसावट और गति बढ़ाने किया गया नवाचार
राजस्व विभाग के काम में कसावट लाने के साथ कार्य की गति और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर यह नवाचार किया गया है। प्रदेश के 5 सबसे अधिक आवेदनों के निराकरण करने वाले अधिकारियों के नाम ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल में श्रेष्ठ अनुमोदनकर्ता के रूप प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह अधिकारियों में मध्य कार्य के प्रति एक प्रतिस्पर्धी माहौल निर्मित करने के साथ उन्हें आवेदनों के त्वरित व समयबद्ध निराकरण के लिए प्रेरित करेगा।

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